रांची
हमारी जनगणना, हमारा विकास के मूल मंत्र के साथ आगामी जनगणना-2027 के प्रथम चरण की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य जिला में निर्धारित समयावधि के अनुसार संपन्न किया जाएगा। इस संबंध में प्रधान जनगणना पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये हैं। रांची जिला में जनगणना कार्य के संपादन हेतु 4232 पदाधिकारियों/कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है, साथ ही संबंधित पदाधिकारियों एवं क्षेत्र प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण भी पूर्ण हो चुका है। 4134 प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया गया है, जिनमें महिला प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की संख्या 1727 और पुरुष प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की संख्या 2407 है।

प्रथम चरण दो भागों में विभाजित
जनगणना-2027 के प्रथम चरण को दो भागों में विभाजित किया गया है। 1 मई से 15 मई 2026 तक स्व-गणना (सेल्फ इनुमेरिशन) एवं 16 मई से 14 जून 2026 तक मकान सूचीकरण एवं घर-घर गणना कार्य पूर्ण किया जायेगा। इस अवधि में जिला के प्रत्येक क्षेत्र के हर मकान का विस्तृत विवरण दर्ज किया जाएगा। नागरिकों को सुविधा प्रदान करने हेतु स्व-गणना की व्यवस्था की गई है। स्व-गणना की अवधि 1 मई से 15 मई 2026 निर्धारित है। यह प्रक्रिया ऐच्छिक है, अनिवार्य नहीं। नागरिक ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर जाकर स्वयं अपना विवरण दर्ज कर सकते हैं। नागरिक को स्व-गणना के बाद प्राप्त SE-ID को सुरक्षित रखना होगा। जिसे प्रगणक के घर आने पर साझा करना होगा। यदि कोई व्यक्ति स्व-गणना नहीं करता है, तो भी चिंता की आवश्यकता नहीं है। प्रगणक निर्धारित अवधि में घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।

मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना
16 मई से 14 जून 2026 के बीच प्रगणक प्रत्येक घर का दौरा करेंगे। इस दौरान मकान का विवरण, घर की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएँ एवं अन्य मूलभूत जानकारी दर्ज की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक परिवार का सही और पूर्ण विवरण दर्ज हो।
बरती जायेगी पूरी गोपनीयता
जनगणना से संबंधित सभी सूचनाओं की गोपनीयता सुनिश्चित की गई है। जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है। डेटा सुरक्षित सर्वर पर एन्क्रिप्टेड रूप में संग्रहित किया जाता है। प्रकाशित रिपोर्ट में केवल सामूहिक आँकड़े ही प्रदर्शित किए जाते हैं। किसी भी व्यक्ति का नाम या व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं की जाती। इस जानकारी का उपयोग टैक्स, पुलिस या किसी जांच कार्य में नहीं किया जाता है। जनगणना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध है। हेल्पलाइन नंबर - 1855 है।
